कालसर्प योग पूजा मुहूर्त : कालसर्प दोष, किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की वह विशेष स्थिति है
जो व्यक्ति के जीवन में बहुत ही प्रतिकूल परिस्थितियां और गरीबी लाता है |
व्यक्ति इस पूजा को अकेले या अपने जीवन साथी के साथ कर सकता है।
यदि बच्चों के लिए भी टिकट खरीदे हों तो वे भी इस पूजा में शामिल हो सकते हैं।
लेकिन वह सामने नहीं बैठ सकते।
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कालसर्प दोष किसी की जन्म कुंडली में वह स्थिति है, जब सारे ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं | ग्रहों की राहु और केतु के बीच स्थिति के अनुसार कालसर्प योग 12 प्रकार का हो सकता है | लोग कालसर्प पूजा को कालसर्प दोष के दुष्प्रभावों से बचने हेतु करते हैं | यह योग किसी ने भयावह स्थिति से भी खतरनाक योग है | यह दोष किसी की भी कुंडली में उपस्थित हो सकता है | जिन व्यक्तियों के जीवन में कालसर्प दोष होता है, वह जीवन में सभी सुविधाओं के बावजूद अपने जीवन में चिंता महसूस करते हैं | जिस तरह से यदि किसी व्यक्ति को सांप काट दे तो वह चैन से नहीं बैठ सकता, उसी प्रकार यदि किसी की कुंडली में कालसर्प योग आ जाए उसको मृत्यु से हमेशा भय लगा रहता है |
इसलिए यह योग अन्य बुराइयों की तुलना में बहुत अधिक खतरनाक है।
यद्यपि यह योग किसी व्यक्ति को 55 वर्ष तक और कभी-कभी जीवन भर प्रभावित कर सकता है।
यह कालसर्प योग की स्थिति पर निर्भर करता है।
कालसर्प योग पूजा तिथियां
ऐसी कुछ बातें हैं, जिनका ध्यान रखना आवश्यक है।
- सर्वप्रथम त्र्यंबकेश्वर पूजा के लिए तिथि 15 दिन पहले ही बुक करनी चाहिए।
- हमारे पास मोटल की व्यवस्था है,
- इसलिए व्यक्ति को पूर्व भुगतान के साथ बुकिंग करनी चाहिए |
- एक बार त्र्यंबकेश्वर में कालसर्प पूजा की तिथि निर्धारित हो जाए|
- उसके पश्चात जातक को पूजा से 1 दिन पहले या उस दिन 6:00 बजे सुबह से पहले उपस्थित होना चाहिए।
- व्यक्ति पूजा के दिन प्याज और लहसुन नहीं खा सकता है
- हालांकि पूजा के अगले दिन से वे यह खा सकते हैं।
- इसके अलावा पूजा के दिन सहित, अगले 41 दिनों के लिए मांसाहारी भोजन और शराब लेना वर्जित है।
- कालसर्प पूजा राहु और केतु से संबंधित है।
कृपया ध्यान दें:
- प्रत्येक समस्या या दोष के लिए व्यक्ति द्वारा पूजा स्वतंत्र रूप से की जानी चाहिए।
- पूजा के लिए नए कपड़ों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
- नागपंचमी या प्रीतकृपा की अवधि के माध्यम से नारायण नागबली और त्रिपिंडी का कार्य वास्तव में उचित नहीं है।
- अत: पूजा का समापन व्यक्ति के ज्योतिष पर निर्भर होना चाहिए।
- पूजा की अवधि घर की महिलाओं की मासिक धर्म अवधि के दौरान नहीं होनी चाहिए।
- बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति को अपने जोखिम पर पूजा करनी चाहिए।
- उन्हें अपने साथ सहायक व्यक्ति रखना चाहिए।
- व्यक्ति को बरसात के मौसम में अपने छाते, रेनकोट और सर्दियों के मौसम में ऊनी कपड़े लाने चाहिए।
- नारायण नागबली, त्रिपिंडी, कालसर्प पूजा के पूरक हैं
- और विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाना है।
- सर्प योग शांति पूजन वैदिक विधि के विधानों से सम्पन्न होना चाहिए
कालसर्प दोष पूजा के शुभ दिन 2026
जनवरी 2026
1, 3, 4, 5, 7, 10, 11, 12, 14, 17, 18 (अमावस्या), 19, 21, 24, 25, 26, 28 और 31 जनवरी।
फरवरी 2026
1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 14, 15, 16 (महाशिवरात्रि), 17, 21, 22, 23, 25 और 28 फरवरी।
मार्च 2026
1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 19 (अमावस्या), 21, 22, 23, 25, 28, 29 और 30 मार्च।
अप्रैल 2026
1, 2, 4, 5, 6, 8, 11, 12, 13, 15, 17 (अमावस्या), 18, 19, 20, 22, 25, 26, 27 और 30 अप्रैल।
मई 2026
2, 3, 4, 6, 9, 10, 11, 13, 16 (अमावस्या), 17, 18, 20, 23, 24, 25, 27, 30 और 31 मई।
जून 2026
1, 3, 6, 7, 8, 10, 12 (नाग पंचमी), 13, 14, 15, 17, 20, 21, 22, 24, 27, 28 और 29 जून।
जुलाई 2026
1, 2, 4, 5, 6, 8, 11, 12, 13, 14, 16, 18, 19, 20, 22, 25, 26, 27 और 29 जुलाई।
विशेष दिन: श्रावण सोमवार — 13, 20 और 27 जुलाई।
अगस्त 2026
1, 2, 3, 5, 8, 9, 10, 12, 14 (अमावस्या), 15, 16, 17, 19, 22, 23, 24, 26, 28, 29, 30 और 31 अगस्त।
सितंबर 2026
2, 3, 5, 6, 7, 9, 11, 12, 13, 14, 16, 19, 20, 21, 23, 26, 27, 28 और 30 सितंबर।
विशेष दिन: पितृ पक्ष अमावस्या — पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, परिवार में शांति, पूर्वजों के स्मरण और क्षमा भाव के लिए महत्वपूर्ण।
अक्टूबर 2026
1, 3, 4, 5, 7, 10, 11, 12 (अमावस्या), 14, 17, 18, 19, 21, 24, 25, 26, 28 और 31 अक्टूबर।
नवंबर 2026
1, 2, 4, 7, 8, 9, 11 (अमावस्या), 14, 15, 16, 18, 21, 22, 23, 25, 28, 29 और 30 नवंबर।
दिसंबर 2026
2, 3, 5, 6, 7, 8, 10 (मार्गशीर्ष अमावस्या), 12, 13, 14, 16, 19, 20, 21, 23, 26, 27, 28 और 31 दिसंबर।
आप सही कालसर्प योग पूजा मुहूर्त तय कर सकते हैं, और अपने पंडित जी से संपर्क कर सकते हैं।
हालाँकि, यदि आप एक अच्छे और भरोसेमंद पंडितजी की तलाश में हैं, जो आपकी कुंडली का अध्ययन कर सकते हैं और आपको सही कालसर्प योग पूजा मुहूर्त तय करने में मदद करने और तैयारी करने में मदद करते हैं, तो आप +91 8600003956 पर गोविन्द शास्त्री गुरुजी से संपर्क करें।




